Chhoti Chhoti Baatein

पढ़िये यहां हमारी Chhoti Chhoti Baatein जो आपके काम आएंगी

आपके Toothpaste में दूसरों के मुकाबले ज्यादा नमक है, यह आपके लिए अच्छी बात हो सकती है लेकिन इस आधार पर आप यह तय नहीं कर सकते कि मेरा Toothpaste ही पूरी कायनात के लिए है।

हो सकता है किसी को नीम के दातुन पर ज्यादा यक़ीन हो या हो सकता है किसी को Colgate पसंद हो या डाबर का लाल दन्तमंजन।

यही तो विविधता है ज़नाब और इसी विविधता के साथ हर अस्तित्व (Existence) को बनाए रखने को ही लोकतंत्र (Democracy) कहते हैं।

धर्मों के बाज़ार में तरह-तरह के उत्पाद (Product) मौजूद हैं यहां कोई पुरानी कम्पनी है और कोई नई, सबके पास अपने अपने झुनझुने हैं, सबकी Market strategy भी अलग-अलग है, कोई अपने Toothpaste में ज्यादा नमक बता कर बेच रहा है कोई दूसरे के Toothpaste में कमियां दिखाकर अपनी Marketing कर रहा है, यहां तक सभी एक जैसे ही हैं।

लेकिन जब कोई नई कम्पनी यह जिद ठान कर बैठ जाये कि “नहीं कोई Toothpaste सिवा मेरे वाले के” और “मेरा Toothpaste ही आखिरी Toothpaste है” तो पूरी Marketing policy ही गड़बड़ा जाती है ऐसी कम्पनी बाज़ार के सिद्धांतों के खिलाफ तो होती ही है Democracy की धज्जियाँ भी उड़ा कर रख देती है।


ज्योतिष इसलिए फल-फूल रहा है क्योंकि आप सवाल ही गलत पूछते हो। दरअसल इन धूर्तों ने सबको एक ही पैटर्न के सवाल पूछना सिखाया है।
जैसे कि:-

मेरी जॉब कब लगेगी?
शादी कब होगी?
बच्चे कब होंगे?
तबियत ख़राब रहती है, कब तक ठीक होगी?

लगभग हर कोई इसी पैटर्न के सवाल करता है। इन सवालों के जवाबों से किसी को मूर्ख बनाना बहुत आसान है। सवाल करने का तरीका बदलिए, सवाल बदलिए, आप खुद देखेंगे कि कैसे ये बोगस-शास्त्र फटे मुहँ ज़मीन पर गिरता है।

जैसे कि:-

  • मेरी जॉब के इंटरव्यू में कौन से सवाल पूछे जाएँगे और किस क्रम में? इंटरव्यू लेने वाले को कितने साल का अनुभव होगा?
  • शादी जिसके साथ होगी उसका पूरा नाम, उम्र और पता बताइये? जिससे ढूँढने में आसानी हो।
  • बढ़ा हुआ बीपी कितना आया है?

तुक्केबाजी सटीक प्रश्नों पर नहीं चलती। और आप अगर सटीक प्रश्न नहीं पूछते तो ज्योतिषी आपको ऐसे उत्तर देगा जो आप खुद ही पूरे कर लोगे। जैसे स्कूल में “रिक्त स्थान की पूर्ति” करने वाले प्रश्न होते हैं।

वो आपको रैंडम डॉट्स देगा और आप उन डॉट्स को अपने हिसाब से कनेक्ट करके अपना चित्र खुद ही बना लोगे।

मूर्ख मत बनो, सही प्रश्न करो..!