Social Media Essay | दुर्भाग्य से Social Media पर सफल लोगों के 9 लक्षण

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आज अपने Essay on social media में हम बताएँगे कि दुर्भाग्य से सफ़ल लोगों में क्या-क्या लक्षण होते हैं।

दुर्भाग्य से सफल लोग होते तो बड़े निम्न स्तर के हैं लेकिन तमाम तरह की घटिया बातें होने के बाद भी यह लोग Facebook और Quora पर आज सफल हैं, यह विडम्बना भी है और घोर आश्चर्यजनक भी। मेरी तो सलाह इनसे दूर रहने की ही रहेगी। परंतु सब के पास अपना-अपना दिमाग है, तो स्वविवेक से निर्णय लेना ही आपके लिए हितकर रहेगा।

Essay on social media में जानिए दुर्भाग्य से सफल लोगों को

ऐसे लोग इतिहासकारों को गालियां देने के साथ अपने मन से इतिहास बना लेते हैं, जैसे- रूस में अर्जुन घूमने गए थे, पद्मावती श्रीलंका की थीं, राणा सांगा बलराम के अवतार थे, हनुमान जी के आदेश पर पिरामिड वानर सेना ने बनाए थे, बेबीलोन में सीता जी की लट मिली थी, रामसेतु पर चलकर आप के चाचा श्रीलंका गए थे, अकबर जार की पैदाइश था, केजरीवाल का असली नाम अखलाक हुसैन है, मोदी जी असल में दूर के भार्गव हैं, ऑस्ट्रेलिया में पुष्पक विमान का मंदिर है, ग्रीक लोगों की बुद्धि का राज गौमूत्र था, व्हाइट हाउस आज भी गोबर से लीपा जाता है, वगैरह वगैरह…

Social Media Essay से पहचानिए इनकी जहरीली टिप्पणियां को

Social Media पर अन्य फूंफकार वालों को फॉलो करते हुए उनके उत्तरों पर विधर्मियों के लिए ग्रीन मांबा और ब्लैक कोबरा जितनी जहरीली टिप्पणियां करते हैं। और यही बाबा बंगाली की ताबीज से ज्यादा सफलता की गारंटी देता है।

इस Social Media Essay से जानिए कि ये पाला बदलने के उस्ताद कैसे हैं?

बताते हैं कि मेरे मुस्लिम दोस्त सभी अच्छे लोग हैं, बाकी सारे मुसलमान कट्टर हैं..!! अब इस ज्ञान के दीये की रोशनी के तर्क का तेल कहां से आता है? मुझे नहीं पता!

इनकी कैसी-कैसी बातें, जैसे सरकार के एजेंट हों!

लोगों को यह समझाने लगना कि नोटबन्दी के अच्छे परिणाम बस अब दिखने ही वाले हैं, राफेल पर क्लीनचिट मिल चुकी है, लॉकडाउन के दौरान थाली बजाने से कोरोना भाग जाता है। मोदी जी भारत के सर्वश्रेष्ठ रक्षक हैं। ये कहते हुए हमेशा लिखना कि वामपंथी और कांग्रेस उनके पीछे पड़े हैं। और इस सब के दौरान विक्टिम-मोड परमानेंट ऑन होता है।

एकदम से कूल बन जाने में छुपा है इनके कामयाबी का राज!

हमेशा कॉलेज या देश-दुनिया के माहौल या आस-पास की कोई घटना पर अपनी बात रखना। लेकिन बिल्कुल इस तरह कि आपको उसकी कोई परवाह नहीं, मतलब यह कि है ही नहीं, बिल्कुल भी नहीं।

सामने वाले को भावुक कर देने का फंडा

ये ऐसी भावुक कविताएं लिखते हैं जिसे पढ़ने वाले का गला रूंध जाए, और हाथ उसे शेयर किए बिना न रुके।

किसी पड़ोसी को कोविड हो तब

तब उसके माथे पर दिया जला कर रखें, सर के पास खड़े हो थाली बजाएं! भाई, मोदी जी वाला प्रिस्क्रिप्शन काम तो अभी भी करता ही है? बस 9 लक्षण वाले 9 बजे ट्राई करें, त्योहार का त्योहार, उपचार का उपचार!

दीपावली के दिन पर खास लक्षण

आज लक्ष्मी जी अपने प्राइवेट व्हीकल उल्लू से आने के लिए एकदम तैयार हैं। इसलिए ये अपने घर के सारे लाइट्स बंद करके उनके आगमन की तैयारी कर रहे हैं ताकि उल्लू को रोशनी से कोई दिक्कत न हो और सवारी के साथ वो सीधे इनके घर पर लैंड हो जाए। आज के दिन ये 6 बज के साढ़े 63 मिनट पर लक्ष्मी जी की ओला का टाइम बताते हैं! जो उसी ठीक टाइम पूजा करेगा, डेस्टिनेशन में ड्राइवर को वही बताया जाएगा!! हाँ, अब ओला ड्राइवर का नाम तो आपको पता ही होगा?

दुर्भाग्य से सफल लोगो का अंतिम लक्षण

मुख्य विषय से संबन्धित पोस्टों से इतर दुनिया भर की बात करना। यानि पोस्ट पर कम कमेंट सेक्शन में ज्यादा समय बिताना।

अब तो मेरा भी गला भर आया है।
भटके हुए ही सही,
पर आखिर अपने भारतवासियों को ऐसी उपमाएं देकर मेरा भी दिल थोड़ा तो पसीजेगा ही।
इंसान हूं मैं भी, कोई पत्थर तो नहीं।
अब आज चूंकि आज इस दिवाली पर घर आ गया हूं
तो इन्होंने मान लिया है कि दीवाली मनाने ही आया हूं…
धर्म में भरोसा हो गया है… ये इनके लॉजिक की इंतेहा है…
तो हे महान भारतीय सच्चे हिंदुओं और हिंदूनियों… छुट्टी ही धार्मिक त्योहार पर देते हो…
एक-आध छुट्टी हफ्ते भर की निकालो कोई, स्कूल की समर या विंटर वैकेशन टाइप की… फिर उसमें भी आएंगे…

तो इसी ज्ञान के आलोक में त्योहार मनाते सच्चे हिंदुओं और हिंदूनियों को इस दिवाली की अपने स्टाइल की हार्दिक बधाई!!


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