War free world | आप युद्ध में जीत चाहते हैं या युद्ध मुक्त संसार?

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आप युद्ध में जीत चाहते हैं या War free world? और युद्ध से मुक्ति चाहते हैं? अगर आप युद्ध में जीत चाहते हैं तो जिसे आप आज हरायेंगे वह कभी ना कभी आप पर पलट कर हमला जरूर करेगा या तो वो सामने से हमला करेगा या छुप कर हमला करेगा। 

जो आज जीत सकता है कल वह हार भी सकता है। लेकिन यदि आप War free world चाहते हैं और युद्ध से मुक्ति चाहते हैं तो उसका रास्ता बिल्कुल अलग है। War free world बनाने के लिए आपको अपने धर्म के श्रेष्ठ और महान होने, अपने राष्ट्र के श्रेष्ठ और महान होने, खुद के महान होने का वहम और घमंड छोड़ना पड़ेगा। संसार के समस्त युद्धों का यही मूल कारण है।

अब ज़रा इसे समझिए:-

सारी दुनिया के धर्म एक जैसे हैं।
सारी दुनिया के देश एक जैसे हैं।
सारी दुनिया के लोग एक जैसे हैं।

असल में आप किसी से ना तो श्रेष्ठ है, ना बड़े, ना महान हैं।

स्कैंडिनेविया में एक नैतिक कानून है, जिसे ‘येन्तालोव’ या ‘लॉ ऑफ यान्ते’ कहते हैं। यह कानून कहता है कि आप खुद को दूसरों से ज्ञानी, स्मार्ट, बेहतर या अमीर न समझें। किसी की कमजोरी पर न हँसे। कहा तो ऐसा भारत में भी जाता है, लेकिन नार्वे का बच्चा बच्चा इसका पालन करता है।

जैसे ही आप यह स्वीकार करेंगे। आप War free world के निर्माण की तरफ एक कदम बढ़ा लेंगे।

लेकिन आप के राजनेता आपको प्रतिदिन समझाते हैं कि आपका धर्म महान है, आपकी जाति महान है, आपका राष्ट्र महान है। और आपके पड़ोसी राष्ट्र हीन गलत और खराब है इन्हें मिटा देना ही एकमात्र रास्ता है। हमें चुनो, अब आप उन्हें चुनते हैं। और आप युद्ध-उन्माद का रास्ता चुन लेते हैं लेकिन जिसे आप छोटा हीन और कमजोर समझ कर उस पर हमला करते हैं। रोज अपमान करते हैं वह छोटा छुपकर आप पर हमला जरूर करेगा।

यही शाश्वत नियम है, सृष्टि के शुरुआत से यही होता आया है।

इसे आप यह जितनी जल्दी समझेंगे उतनी जल्दी आप War free world बनाने की तरफ कदम बढ़ा सकेंगे।

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